एमपी मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना: फ्री में भरे जायेंगे आवेदन फॉर्म, अधिकतम आयु 55 वर्ष

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ई-रिक्शा योजना 2025 (MP CM E-Rickshaw Scheme 2025) शुरू करने का ऐलान किया है। नगरीय विकास और आवास विभाग इस योजना को लागू करेगा, जिसका मकसद ऑटो रिक्शा चालकों की कमाई बढ़ाना और शहरों को प्रदूषण से मुक्त करना है। इस योजना के तहत 3500 ऑटो चालकों को ई-रिक्शा से जोड़ा जाएगा। यह योजना 2027-28 तक चलेगी और खास तौर पर शहरी गरीब महिलाओं को फायदा देगी, जिससे नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

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MP CM E-Rickshaw Scheme 2025 का उद्देश्य

नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह योजना संकल्प-पत्र 2023 के वादे को पूरा करेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों का कल्याण, महिलाओं को रोजगार और शहरों को प्रदूषण से मुक्ति इसकी खासियत है। इसके लिए बजट में पैसों का इंतजाम भी किया जा रहा है।

कौन ले सकता है लाभ?

  • उम्र: 18 से 55 साल तक
  • शर्तें:
    • नगरीय क्षेत्र में रहने वाला होना चाहिए।
    • पहले से ऑटो रिक्शा चलाने वाला हो।
    • मोटर व्हीकल लाइसेंस होना जरूरी।

योजना के फायदे

  1. पुराने रिक्शा को ई-रिक्शा में बदलें:
    • अगर आपके पास पुराना डीजल या पेट्रोल रिक्शा है, तो उसे रेट्रो फिटिंग से ई-रिक्शा में बदला जा सकेगा।
  2. ब्याज मुक्त ऋण:
    • 4 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत ऋण मिलेगा (दीनदयाल जन-आजीविका मिशन-शहरी के तहत)।
    • कोई कोलेटरल सिक्योरिटी नहीं देनी होगी।
  3. ब्याज में छूट:
    • केंद्र सरकार: 8% ब्याज अनुदान (सीधे बैंक खाते में डीबीटी से)।
    • राज्य सरकार: 5% ब्याज अनुदान।
  4. शहर होंगे प्रदूषण मुक्त:
    • ई-रिक्शा से प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण बेहतर होगा।

आवेदन और चयन प्रक्रिया

अगर आप ऑटो चालक हैं और MP CM E-Rickshaw Scheme 2025 का फायदा लेना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी नगरीय निकाय कार्यालय से संपर्क करें। फॉर्म भरें और अपने पुराने रिक्शा को ई-रिक्शा में बदलें। यह मध्य प्रदेश ई-रिक्शा योजना 2025 आपके लिए नई शुरुआत का मौका है।

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  • फॉर्म: आवेदन-पत्र मुफ्त मिलेंगे।
  • कैसे होगा चयन?:
    • जिला स्तर पर टॉस्क फोर्स समिति बनेगी।
    • समिति में परियोजना अधिकारी (शहरी विकास अभिकरण), बैंक प्रतिनिधि और योजना प्रभारी शामिल होंगे।
  • समय:
    • बैंकों को 30 दिन में आवेदन पर फैसला लेना होगा।
    • इसके बाद 15 दिन में ऋण देना जरूरी होगा।
  • कोई सिक्योरिटी नहीं: बैंकों को आवेदक से कोलेटरल सिक्योरिटी माँगने की मनाही है।
  • क्रियान्वयन: नगरीय निकाय और जिला शहरी विकास अभिकरण इस योजना को लागू करेंगे।

Government Recruitment Analyst and founder of GovtJobs4U. Specializing in MP State and Central exam notifications, eligibility verification, and application guidance based directly on official department sources.

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